क्यों रोता है मेरा कुत्ता आधी रात में ?
मिथक:
कुत्तों का रोना साधारणतया अशुभ मन जाता है, व् किसी आनेवाली बुरी घटना से जोड़ कर देखा जाता है जो की सही नहीं है
या ये माना जाता है की कुत्तों को भूत या आत्माएं दिखाई देतें हैं, इसलिए आत्माओं को महसूस करक, डर के भोकतें हैं या रोते हैं
कुत्तों की महसूस करने की क्षमता मनुष्यों से बहुत ज्यादा होती है इसलिए ये माना जाता है कि कुत्ते आने वाली घटनाओं को महसूस कर लेते हैं इसलिए
अनजान खतरे की संभावना पर भी कुत्ते भोंक या रो सकते हैं
फैक्ट या कारण:
ध्यान आकर्षित करने के लिए : रो सकते हैं या
अकेलापन या उपेक्षित महसूस कर रहे हों। तब भी आपका कुत्ता रो सकता है
बाहर जाने की आवश्यकता: कुत्ते बाथरूम जाने के लिए बाहर जाने देने के लिए रो सकते हैं
खासकर यदि वे अपने मूत्राशय को लंबे समय तक रोके रखने के आदी नहीं हैं।
सर्दियों के मौसम में:जब ठण्ड ज्यादा हो जाती है तब, यदि ज्यादा सर्दी महसूस करते है और किसी तरह बचने के लिए रो सकते हैं ( हम इंसानो में भी यदि ठण्ड से बचने के साधन न हो तो रात में ज्यादा ठण्ड पड़ने पर मुँह से कराह या आवाज निकलने लगती है ठीक वैसे ही)
प्राकर्तिक रूप से : कुत्ते, भेड़ियों के सुधरे हुए वंशज हैं भेड़िये भी रात में अपनी पोजीशन को अपने साथियों के साथ साझा करने के लिए भी रो या लम्बी हुक जैसी आवाज निकालते हैं जो हमें रोने जैसी लगती है.
प्राकृतिक रूप से कुत्ते मनुष्यों से अधिक संवेदनशील होते हैं इसलिए कभी कभी अनजान खतरे का अनुभूति या अहसास करने पर भी कुत्ते रोते हैं




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